लाडनूँ, 27 अगस्त 2026। जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग में 27 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व का आयोजन हर्षोल्लास एवं आत्मीय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के दौरान सहायक आचार्य सुश्री स्नेहा शर्मा ने रक्षाबंधन पर्व की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने वर्तमान समय में ‘रक्षा’ के व्यापक अर्थ को रेखांकित करते हुए कहा कि एक-दूसरे के सम्मान, सपनों, आत्मविश्वास एवं अधिकारों की रक्षा करना इस पर्व का महत्वपूर्ण संदेश है। शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल. जैन ने रक्षाबंधन के सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे पर्व हमारे पारिवारिक एवं सामाजिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम में डॉ. अमिता जैन, डॉ. आभा सिंह, डॉ. मनीष भटनागर, डॉ. गिरधारी लाल शर्मा, डॉ. गिरिराज भोजक, डॉ. देवीलाल कुमावत व सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आपसी प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारे की भावना को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।



