लाडनूँ, 24 सितम्बर 2026। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस के अवसर पर जैन विश्वभारती संस्थान में संचालित दोनों राष्ट्रीय सेवा योजना इकाईयों के संयुक्त तत्वावधान में द्वितीय एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के प्रथम सत्र में जहाँ स्वयंसेवकों को लाडनूं नगर में संचालित आँगनबाड़ी संख्या 20 का भ्रमण कराया गया। वहाँ आँगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में मौजूद श्रीमती ललिता देवी शर्मा द्वारा सम्पूर्ण एनएसएस टीम को आँगनबाड़ी केन्द्र द्वारा संचालित सम्पूर्ण गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। शिविर के द्वितीय सत्र में ‘संतुलित आहार एवं नशामुक्ति’ विषय पर विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता आचार्य महाप्रज्ञ कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथी एवं योग की चिकित्सक डॉ. पल्लवी दवे ने विषय विशेषज्ञ के रूप में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरी जिंदगी और अस्वास्थ्यकर दिनचर्या के कारण युवा वर्ग तेजी से बीमारियों और मानसिक तनाव की चपेट में आ रहा है। ऐसे में हम केवल प्रकृति से जुड़कर और सही खान-पान अपनाकर ही अधिकांश बीमारियों से तो हम बिना किसी दवा के ही बच सकते हैं। उन्होंने संतुलित भोजन को औषधि के रूप में स्वीकार करते हुए बताया कि हमारे रसोईघर में मौजूद प्राकृतिक वस्तुएं, ताजे फल, अंकुरित अनाज, हरी सब्जियां और छाछ-नींबू पानी ही शरीर की सबसे बड़ी औषधि हैं। डिब्बाबंद और जंक फूड शरीर में विषैले तत्व जमा करते हैं, जो बीमारियों का मुख्य कारण हैं। डॉ. पल्लवी दवे ने स्वयंसेवकों को नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाते हुए कहा कि नशा न केवल शरीर और अंगों (जैसे लिवर और फेफड़े) को खोखला करता है, बल्कि व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य और परिवार को भी तबाह कर देता है। अतरू राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को समाज से इस बुराई को जङ से खत्म करने के लिए आगे आकर इसके विरोध में अपना योगदान देना होगा। व्याख्यान के अंत में प्राकृतिक दिनचर्या का महत्व बताते हुए स्वस्थ रहने के लिए केवल सही भोजन लेने के साथ-साथ सही समय पर सोना, पर्याप्त पानी पीना और नियमित योग व ध्यान करने को भी बेहद जरूरी बताया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई प्रथम के प्रभारी अभिषेक चारण एवं इकाई द्वितीय प्रभारी डॉ अमिता जैन की सक्रियता सराहनीय रही । शिविर के दोनों सत्रों में बङी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे। मंच संचालन इकाई प्रथम प्रभारी अभिषेक चारण द्वारा किया गया। इकाई द्वितीय प्रभारी डॉ अमिता जैन ने अंत में आभार ज्ञापित किया।



