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मन पर नियंत्रण रख कर आत्म-साधना करना ही सामायिक है - प्रो. शास्त्री

लाडनूँ, 10 सितम्बर 2026। जैन विश्वभारती संस्थान में कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ के संरक्षण तथा मार्गदर्शन में चल रहे पर्युषण महापर्व 2026 के अन्तर्गत आयोजित कार्यक्रमों के तीसरे दिन अहिंसा एवं शांति विभाग द्वारा सामायिक दिवस आयोजित किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में छात्रा योगिता शर्मा ने मधुर स्वरों में ‘हर प्राणी हित में हो दया हो क्षमा’ गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात् संस्थान के ओएसडी प्रो. अशोक जैतावत ने सामायिक दिवस की थीम ‘भागती जिंदगी में ठहरने की कला’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए बताया कि सामायिक मानव जीवन के आध्यात्मिक पक्ष का एक महत्वपूर्ण आयाम है, जिससे हम स्थिरचित्त रहकर खुद को पहचान सकते हैं। यह आध्यात्मिक प्रयास हमें सकारात्मक दृष्टिकोण की ओर प्रेरित करता है,अतः हम सभी को इसे जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। प्रो. जैतावत ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि हमें जीवन में हमेशा कर्म को प्रधानता देनी चाहिए और हमारे द्वारा जो भी कार्य किया गया है उसके प्रति यदि कोई नकारात्मक प्रतिक्रिया आती है तो उसके बारे में हमारा निर्णय तुरंत न होकर सोच समझकर, चिंतन एवं मनन के पश्चात प्रतिक्रिया करनी चाहिए। इस अवसर पर प्राकृत एवं संस्कृत विभाग के वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. दामोदर शास्त्री ने सामायिक के आध्यात्मिक रहस्य को अत्यंत ही सरल ढंग से प्रस्तुत करते हुए बताया कि हमें मानव जीवन बड़े ही सौभाग्य से मिला है अतः हमें जीवन में सद्कर्मों को अपनाना चाहिए। यह दिवस हमें मन के स्थान पर आत्मा की आवाज को महत्वपूर्ण करने की ओर प्रेरित करता है। प्रो. शास्त्री ने अनेक दृष्टांतों के माध्यम से भी पर्युषण पर्व के इस दिवस की महत्ता को उजागर करने का प्रयास किया। वैचारिक प्रस्तुति के पश्चात सामायिक दिवस के बारे में विभाग की सहायक आचार्य डॉ. लिपि जैन द्वारा व्यावहारिक गतिविधियां भी करवाई गई, जिसमें दूसरों के प्रति हमारे मन में उत्पन्न होने वाले पूर्वाग्रहों एवं गलत धारणाओं का त्याग करने, व्यक्ति द्वारा किए गए कार्यों का परिणाम उसकी आकांक्षाओं के अनुरूप न आने पर क्रोध एवं आवेश के स्थान पर संयम, शालीनता तथा सहजता का व्यवहार करने के प्रति प्रेरित किया गया। अंत में विभागाध्यक्ष प्रो. वंदना कुंडलिया ने सभी का आभार ज्ञापित किया और पर्युषण महापर्व 2026 के चैथे दिन वाणी संयम दिवस के आयोजन के बारे में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का संयोजन सहायक आचार्य डॉ.बलबीर सिंह ने किया।इस अवसर पर अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. रेखा तिवाड़ी, शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन, जैन एवं तुलनात्मक धर्म तथा दर्शन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रामदेव साहू, आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविंद्र सिंह राठौड़ आदि के साथ सभी विभागों के संकाय सदस्यों सहित करीब 240 विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की आयोजना में विभाग की सहायक आचार्य डॉ. रवीना टैगोर एवं विद्यार्थियों की भी सक्रिय भूमिका रही।

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